उत्तर प्रदेश प्रवक्ता चयन परीक्षा-2000, विषय- राजनीतिविज्ञान/नागरिकशास्त्र [ U.P. P.G.T. EXAM -2000, SUBJECT- POLITICAL SCIENCE, ]
नोट: इस प्रश्न-पत्र में पचास (50) वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. प्लेटो के रिपब्लिक का केन्द्रीय विचार है:
(A) स्वतन्त्रता
(B) समता
(C) सौहार्द
(D) न्याय
2. निम्नलिखित में से किसने स्वतन्त्रता को किये जाने योग्य तथा आनन्दकारी कार्य को करने की सकारात्मक शक्ति के रूप में परिभाषित किया है?
(A) बेन्थम
(B) मिल
(C) ग्रीन
(D) बार्कर
3. ‘प्रजातन्त्र का मूल सार यह है कि एक स्वतन्त्र व्यक्ति राष्ट्र के संघटक वैविध्यपूर्ण हितों का प्रतिनिधित्व करता है। यह सत्य है कि विशेष हितों का विशेष प्रतिनिधित्व नहीं करता या इसे नहीं करना चाहिए, परन्तु इस प्रकार का प्रतिनिधित्व इसकी कसौटी नहीं है। यह वक्तव्य किसके द्वारा किया गया था?
(A) अम्बेडकर
(B) गांधी
(C) नेहरू
(D) जयप्रकाश नारायण
4. ‘राजनीतिक सिद्धान्त’ पतन की अवस्था में है-इस दृष्टिकोण का विरोध किसने किया है?
(A) डेविड ईस्टन
(B) कोब्बान
(C) आइशा बर्लिन
(D) जर्मिनों
5. नीचे दो वक्तव्य दिये गये हैं। एक कथन (A) तथा दूसरा उसका कारण (R) है:
कथन (A) : साम्राज्यवाद पूंजीवाद की चरम अवस्था है।
कारण (R) : साम्राज्यवाद राष्ट्रीय आन्दोलनों को जन्म देता है।
उपर्युक्त दो कथनों के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा कूट सही है?
![उत्तर प्रदेश प्रवक्ता चयन परीक्षा-2000, विषय- राजनीतिविज्ञान/नागरिकशास्त्र [ U.P. P.G.T. EXAM -2000, SUBJECT- POLITICAL SCIENCE, ] आधुनिक भारत[Objective N.C.E.R.T. M.C.Q’s Modern India]](https://samsamyikduniya.com/wp-content/uploads/2025/09/NK1-green-samsamyik-1140x570.jpg)